युद्धोत्तर काल और अरब जगत (1945 – 1970)
छह दिवसीय युद्ध के बाद यहूदी पुरुषों का Abou Zaabal और फिर Tourah शिविर में नजरबंदी
1967-1970·Égypte
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
सुएज़ के बाद हुए निष्कासनों के पश्चात मिस्र में केवल एक समुदाय का अवशेष बचा रह गया था। छह दिवसीय युद्ध के आरंभ में, देश के यहूदी पुरुषों को उनके घरों में ही गिरफ्तार कर लिया गया और नजरबंद कर दिया गया।
उन्हें Abou Zaabal शिविर में ले जाया गया, और फिर अनेकों को Tourah कारागार में, जहाँ वे महीनों और कभी-कभी वर्षों तक रहे, मार-पीट और अभावों के बीच। उनकी मुक्ति बूँद-बूँद करके हुई, विदेशी सरकारों और Croix-Rouge के माध्यम से, और लगभग हमेशा निष्कासन के साथ ही हुई।
यह Ptolémées के युग में आरंभ हुए एक इतिहास का अंतिम अध्याय था : इन नजरबंदियों से निकलने के बाद मिस्र में केवल कुछ दर्जन परिवार ही शेष रह गए।
- काल :
- युद्धोत्तर काल और अरब जगत (1945 – 1970)
- प्रकृति :
- सैन्य दमन
- क्षेत्र :
- मिस्र और माघरेब
- देश :
- Égypte
Gudrun Krämer, *The Jews in Modern Egypt* ; Joel Beinin, *The Dispersion of Egyptian Jewry*.