युद्धोत्तर काल और अरब जगत (1945 – 1970)
यहूदियों द्वारा बहुल स्थानों पर हमलों की श्रृंखला, Dar al-Bayda कैफे से लेकर Masouda Shemtov आराधनालय तक
Avril 1950 – janv. 1951·Bagdad
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
उस वसंत से अगली शीत ऋतु के बीच, जब Baghdad के यहूदी हजारों की संख्या में देश छोड़ने के लिए अपना नाम दर्ज करा रहे थे, उन स्थानों पर जहाँ वे आते-जाते थे, विस्फोटक उपकरणों की एक शृंखला फटी : Dar al-Bayda कैफ़े, यहूदी मुहल्ले की एक इमारत, एक किताबों की दुकान, और अंततः Masouda Shemtov आराधनालय, जिसे प्रस्थान के इच्छुक उम्मीदवारों के पंजीकरण केंद्र में तब्दील किया गया था।
इन हमलों में मृत्युएँ हुईं और दर्जनों लोग घायल हुए, और नाम दर्ज कराने की रफ़्तार और तेज़ हो गई। इनकी ज़िम्मेदारी का प्रश्न एक दीर्घकालीन इतिहासलेखन संबंधी बहस का विषय बना रहा : इराकी अधिकारियों ने ज़ायोनी कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराया, जबकि अन्य शोध इराकी राष्ट्रवादी समूहों की ओर संकेत करते हैं।
इनकी उत्पत्ति चाहे जो भी रही हो, इन हमलों ने एक समूची समुदाय के निर्णय पर गहरा असर डाला : Baghdad की यहूदी समुदाय कुछ ही महीनों में खाली हो गई।
- काल :
- युद्धोत्तर काल और अरब जगत (1945 – 1970)
- प्रकृति :
- हमला
- क्षेत्र :
- निकट और मध्य पूर्व
- देश :
- Irak
Nissim Rejwan, *The Jews of Iraq* ; Norman A. Stillman, *The Jews of Arab Lands in Modern Times*.