शोआ (1939 – 1945)
Tarnów यहूदी बस्ती की कार्रवाई
Juin 1942·Tarnów
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
शहर के यहूदियों को बाजार के चौक पर इकट्ठा किया गया, एक हिस्से को वहीं गोली मार दी गई, बाकी को Bełżec भेज दिया गया।
Tarnów, Cracovie और Rzeszów के बीच स्थित, एक ऐसे यहूदी समुदाय का घर था जो शहर की लगभग आधी आबादी बनाता था। दो वर्ष पहले Auschwitz की ओर जाने वाली कैदियों की पहली रेलगाड़ी Tarnów से ही चली थी।
जून की कार्रवाई में निवासियों को बाज़ार के चौक पर एकत्र किया जाता है, जहाँ सरेआम छँटाई होती है : एक भाग को वहीं और आसपास की गलियों में गोली मार दी जाती है, शेष को रेलवे स्टेशन ले जाकर Bełżec भेजा जाता है। इसके बाद एक सीमित मुहल्ला बचा रहता है, जिसे अगले वर्ष समाप्त कर दिया जाता है।
- काल :
- शोआ (1939 – 1945)
- प्रकृति :
- शोआ
- क्षेत्र :
- मध्य और पूर्वी यूरोप
- देश :
- Pologne
Yad Vashem, *The Untold Stories* ; *Pinkas Hakehillot Polin* ; *Tarnow Memorial Book*.