शोआ (1939 – 1945)
Lublin की यहूदी बस्ती का सफाया
Mars-avril 1942·Lublin
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
Reinhard अभियान का पहला बड़ा सफाया: यहूदी बस्ती कुछ ही हफ्तों में खाली कर दी गई और इसके निवासियों को Bełżec भेज दिया गया।
Lublin उस प्रशासन का केंद्र था जो अभियान Reinhard का संचालन कर रहा था, और उसका अपना बंद मोहल्ला ही इसका पहला बड़ा निशाना बना। सफ़ाया मार्च के मध्य में शुरू हुआ और कुछ सप्ताह तक जारी रहा।
रात के वक़्त निवासियों को मोहल्ले-दर-मोहल्ले इकट्ठा किया गया और एक माल-गाड़ी के स्टेशन पर ले जाया गया, जहाँ से Bełżec की ओर क़ाफ़िले रवाना होते थे। जो बचे रहे उन्हें Majdan Tatarski के उपनगर में स्थानांतरित किया गया, इस अंतिम शरण के सफ़ाए की प्रतीक्षा में। Lublin की yeshiva, जो यूरोप की सबसे प्रतिष्ठित संस्थाओं में से एक थी, पहले ही बंद करके लूट ली गई थी।
- काल :
- शोआ (1939 – 1945)
- प्रकृति :
- शोआ
- क्षेत्र :
- मध्य और पूर्वी यूरोप
- देश :
- Pologne
Yad Vashem, *The Untold Stories* ; Musée d'État de Majdanek ; *Pinkas Hakehillot Polin*.