शोआ (1939 – 1945)
Foum Defla का शिविर
1941-1942·Foum Defla
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
मुक्ति के बाद एकत्र की गई गवाहियाँ भूख, रोज़ाना भरनी पड़ने वाली पत्थरों की गाड़ी और उन लोगों के लिए ज़मीन में खोदे गए कालकोठरी का वर्णन करती हैं जो ऐसा नहीं कर पाते थे।
मुक्ति के समय एकत्र किए गए साक्ष्य Foum Defla में भूख का वर्णन करते हैं, प्रतिदिन पत्थरों से भरी जाने वाली गाड़ी का, और उन लोगों के लिए ज़मीन में खोदी गई कोठरी का जो यह काम पूरा नहीं कर पाते थे। यह शिविर Transsaharien की व्यवस्था का हिस्सा था और इसमें विदेशी यहूदी मज़दूर रखे जाते थे, जिनमें अधिकांश मध्य यूरोप से आए शरणार्थी थे। रजिस्टरों में रोगियों का उल्लेख विरल है, किंतु स्मृतियों में वे असंख्य हैं। Foum Defla संरक्षित क्षेत्र के किसी भी सार्वजनिक मानचित्र पर अंकित नहीं था ; उसका नाम केवल उन लोगों की स्मृति में जीवित रहा जो वहाँ से लौट सके।
- काल :
- शोआ (1939 – 1945)
- प्रकृति :
- शोआ
- क्षेत्र :
- मिस्र और माघरेब
- देश :
- Maroc
Mémorial de la Shoah, Paris ; Yad Vashem, base des communautés.