शोआ (1939 – 1945)
Bihać के यहूदी समुदाय का विनाश
1941·Bihać
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
Krajina के Bihać के समुदाय को उस्ताशा शासन द्वारा प्रारंभिक महीनों में ही पकड़ लिया गया और नए राज्य के शिविरों की ओर ले जाया गया।
बोस्नियाई Krajina में Una नदी के किनारे बसा Bihać एक छोटी-सी यहूदी बस्ती का घर था, जो अधिकांशतः व्यापारी वर्ग की थी और ऑस्ट्रो-हंगेरियन प्रशासन के काल से इस शहर में विद्यमान थी। उस्ताशा शासन के नस्ली फ़रमानों ने उसे पहले ही हफ़्तों में दबोच लिया : नागरिक अधिकार छिन गए, संपत्तियाँ ज़ब्त हुईं, और चिह्नांकन किया गया। वसंत से ही सर्बियाई आबादी के नरसंहार शुरू हो चुके थे, और उसी क्षेत्र में शासन की सैन्य टुकड़ियों ने गर्मियों में गिरफ़्तारियाँ कीं। Bihać के यहूदी परिवारों को Slavonia में खोले गए शिविरों की ओर ले जाया गया — और वे कभी नहीं लौटे। समुदाय पूरी तरह मिट गया।
- काल :
- शोआ (1939 – 1945)
- प्रकृति :
- शोआ
- क्षेत्र :
- मध्य और पूर्वी यूरोप
- देश :
- Bosnie-Herzégovine
Jaša Romano, *Jevreji Jugoslavije* ; Zvi Loker (dir.), *Pinkas Hakehillot Yugoslavia*, Yad Vashem.