1900 – 1939
Dniestr का पोग्रोम
1919·Mohyliv-Podilskyi
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
Podolia के सर्वाधिक यहूदी-बहुल सीमावर्ती नगरों में से एक, जिसे नदी पर अधिकार के लिए लड़ने वाली सेनाओं के गुजरने के दौरान लूटा गया
Mohyliv-Podilskyi Podolia और Bessarabia के बीच Dniestr पर के मार्ग को नियंत्रित करता था, और प्रांत के सर्वाधिक यहूदी-बहुल नगरों में गिना जाता था। सीमावर्ती स्थिति के कारण यह एक निरंतर विवाद का केंद्र बना रहा : Directory की सेनाएँ, बोल्शेविक इकाइयाँ, विद्रोही दस्ते और Romanian सैन्य-टुकड़ियाँ एक के बाद एक वहाँ आती रहीं। हर बार सत्ता-परिवर्तन पर यहूदी मोहल्लों को लूटा गया, गोदाम खाली किए गए, और निवासियों से धमकी देकर फिरौती वसूली गई। युद्ध के बाद संकलित रिपोर्टें एक ऐसे नगर का चित्र प्रस्तुत करती हैं जिसकी यहूदी आबादी किसी एकल नरसंहार से नहीं, बल्कि अत्याचारों की एक अनवरत शृंखला से निर्धन और क्षीण होती गई।
- काल :
- 1900 – 1939
- प्रकृति :
- पोग्रोम
- क्षेत्र :
- मध्य और पूर्वी यूरोप
- देश :
- Ukraine
Lidia Miliakova (dir.), *Le Livre des pogroms* ; Henry Abramson, *A Prayer for the Government: Ukrainians and Jews in Revolutionary Times*.