1900 – 1939
उन सैनिकों के क्रमिक पोग्रोम जो शहर पर बारी-बारी से कब्जा करते और उसे खो देते थे
1919·Ekaterinoslav
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
Ekaterinoslav को एक के बाद एक पोग्रोम झेलने पड़े, उन सैनिक टुकड़ियों की लय में जो शहर को बारी-बारी से लेती और खोती रहीं।
शहर पहले की दोनों लहरों में भी आहत हो चुका था। यहाँ जो बदला वह परिस्थिति थी: अब कोई राज्य न था जिसके पास विरोध-पत्र भेजा जाता, न जाँच आयोग, न समाचारपत्र जो तथ्य स्थापित करते। यहूदी राहत समितियाँ और रेड क्रॉस ही एकमात्र सहारा थे, और आज हम जो कुछ भी जानते हैं वह मुख्यतः उन्हीं के अभिलेखागारों की देन है।
- काल :
- 1900 – 1939
- प्रकृति :
- पोग्रोम
- क्षेत्र :
- मध्य और पूर्वी यूरोप
- देश :
- Ukraine
Rapports des comités de secours juifs ; enquêtes de la Croix-Rouge.