उन्नीसवीं शताब्दी
Ernst Winter के शव की खोज के बाद रक्त-आरोप के बाद हुए दंगे: आराधनालय जलाया गया, शहर में सेना भेजी गई
1900·Konitz
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
एक हाईस्कूल छात्र Ernst Winter के खंडित शव की खोज ने Konitz में एक अनुष्ठानिक हत्या के आरोप और दंगों को जन्म दिया। आराधनालय को आग लगा दी गई, और शहर में सेना भेजनी पड़ी।
यह मामला विल्हेल्मी जर्मनी में, एक प्रशियाई प्रांत में फूटा, उस समय जब यह माना जा सकता था कि पश्चिमी यूरोप में रक्त का आरोप समाप्त हो चुका है। वह समाप्त नहीं हुआ था : उसे यहूदी-विरोधी प्रेस ने उठाया, Reichstag में बहस हुई, और अपराध कभी सुलझाया नहीं जा सका। Konitz इस बात का साक्षी बना रहा कि मध्यकालीन आरोप एक आधुनिक राज्य में भी अक्षुण्ण जीवित रह सकता है, बशर्ते एक जनसमूह उसे सुनने को तैयार हो।
- काल :
- उन्नीसवीं शताब्दी
- प्रकृति :
- पोग्रोम
- क्षेत्र :
- पश्चिमी यूरोप
- देश :
- Allemagne
Presse allemande ; actes judiciaires prussiens.