उन्नीसवीं शताब्दी
Alexandre Iᵉʳ के आदेश से Moguilev और Vitebsk प्रांतों के गाँवों से यहूदियों का निष्कासन
1823-1825·Biélorussie
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
अलेक्जेंडर प्रथम का आदेश 1823 से 1825 के बीच बेलारूस के Moguilev और Vitebsk प्रांतों के गाँवों से यहूदियों को निष्कासित कर कस्बों और शहरों में धकेल देता है। इसके लिए दिया गया बहाना ग्रामीण क्षेत्रों में मद्य व्यापार का है; परिणाम उन परिवारों का उखड़ना है जो पीढ़ियों से सामंती सम्पदाओं के निकट बसे थे, जहाँ वे सराय, चक्की या पड़ाव चलाते थे।
निष्कासित लोग पहले से भरी-भरी बस्तियों में पहुँचते हैं — न वापसी का अधिकार, न कोई क्षतिपूर्ति — और बहुत से लोग वहाँ घोर दरिद्रता में डूब जाते हैं। यह उपाय एक ऐसी नीति की शुरुआत करता है जिसे अगले शासनकाल में और कठोर बनाया जाएगा: यहूदियों को समाज में समाहित करने के बजाय उन्हें विस्थापित करते रहना, और उनकी उपस्थिति को ही प्रशासनिक पुलिस का विषय बना देना।
- काल :
- उन्नीसवीं शताब्दी
- प्रकृति :
- निर्वासन
- क्षेत्र :
- मध्य और पूर्वी यूरोप
- देश :
- Biélorussie
Recueil complet des lois de l'Empire russe ; rapports des gouverneurs de Moguilev et de Vitebsk.