अठारहवीं शताब्दी
पोप के आदेश का प्रवर्तन
1770·Rome
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
यहूदी बस्ती के यहूदियों पर जबरन धर्मोपदेश थोपे गए, जुर्माने के भय से उपस्थिति अनिवार्य
पोप के आदेश ने Rome के यहूदी बस्ती के यहूदियों पर जुर्माने की धमकी देते हुए उन्हें जबरन प्रवचन सुनने के लिए बाध्य किया। एक पादरी बोलता, बारी-बारी से नियुक्त यहूदियों को उसे सुनना पड़ता, और निरीक्षक यह देखते कि वे अपने कान न बंद कर लें।
यह प्रथा पुरानी थी — इसकी जड़ें सोलहवीं शताब्दी तक जाती हैं — किंतु ज्ञानोदय की पूर्वसंध्या पर इसकी निरंतरता पोप के शासन की इस विषय में स्थिरता को दर्शाती है। Rome की यहूदी बस्ती पश्चिमी यूरोप की अंतिम बस्ती थी जो समाप्त हुई, और वह किसी आंतरिक सुधार से नहीं समाप्त हुई : इसके लिए एकीकृत इटली द्वारा नगर पर अधिकार आवश्यक था।
- काल :
- अठारहवीं शताब्दी
- प्रकृति :
- उत्पीड़न
- क्षेत्र :
- पश्चिमी यूरोप
- देश :
- Italie
Édits pontificaux ; chroniques du ghetto de Rome.