पंद्रहवीं – सत्रहवीं शताब्दी
Clément VII ने इटली के यहूदियों को भगोड़े नव-धर्मांतरितों को शरण देने से प्रतिबंधित किया
1533·Rome
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
पोप Clément VII ने इटली के यहूदियों को भगोड़े नवधर्मांतरितों को शरण देने से मना किया।
समूचे इटली के सामने जो प्रश्न खड़ा था, वह यहूदी धर्म में वापसी का था : पुर्तगाल से बलात् बपतिस्मा लिए हुए लोग आ रहे थे और अपने पूर्वजों की आस्था में लौटना चाहते थे, जिसे कैनन विधि धर्म-त्याग मानती थी और मृत्युदंड से罰 करती थी। उन्हें शरण देने वाले इतालवी समुदाय स्वयं भी खतरे में पड़ जाते थे, और यही वह भूमि थी जहाँ रोम का पवित्र न्यायालय शीघ्र ही रोम के यहूदियों पर स्वयं प्रहार करेगा।
- काल :
- पंद्रहवीं – सत्रहवीं शताब्दी
- प्रकृति :
- नरसंहार
- क्षेत्र :
- पश्चिमी यूरोप
- देश :
- Italie
Bullaire pontifical ; Ouvrages sur les marranes d'Italie.