उच्च मध्य युग और धर्मयुद्ध
यूरोप में अनुष्ठानिक हत्या का पहला आरोप (Guillaume de Norwich)
1144·Norwich
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
यह आरोप बाद में पूरे ईसाई जगत में फैल गया
एक किशोर, Guillaume, का शव Norwich के निकट एक जंगल में मिलने से एक ऐसे आरोप का जन्म होता है जो आगे चलकर दुखद रूप से प्रसिद्ध होना था : नगर के यहूदियों ने कथित रूप से ईसा के दुःखभोग (Passion) का उपहास करते हुए बच्चे की हत्या की थी। उस समय कोई भी मुक़दमा आगे नहीं बढ़ा; एक दशक बाद भिक्षु Thomas de Monmouth ने इस कथा का निर्माण किया और पीड़ित को स्थानीय शहीद के रूप में प्रतिष्ठित किया।
इसके पश्चात् अनुष्ठान हत्या का यह आरोप समस्त ईसाई जगत में फैल गया — Gloucester, Blois, Lincoln, Trente — और आधुनिक काल तक मुक़दमों और नरसंहारों का बहाना बनता रहा। *La Vie et les miracles de saint Guillaume de Norwich* वह पहला ग्रंथ है जिसने इसे अपना स्वरूप दिया।
- काल :
- उच्च मध्य युग और धर्मयुद्ध
- प्रकृति :
- मुकदमे और फाँसी
- क्षेत्र :
- पश्चिमी यूरोप
- देश :
- Royaume-Uni
Thomas de Monmouth, *The Life and Miracles of St William of Norwich* ; Gavin Langmuir, *Toward a Definition of Antisemitism*.