उच्च मध्य युग और धर्मयुद्ध
प्रथम धर्मयुद्ध का पहला नरसंहार
Mai 1096·Rouen
परिणाम ठीक वैसे ही दिया गया है जैसे स्रोत उसे लिखता है — न पूर्णांकित, न किसी दूसरे में जोड़ा हुआ। एक घटना का आँकड़ा दूसरी घटना के आँकड़े से आंशिक रूप से मिलता है।
यहूदियों को एक गिरजाघर में एकत्र कर बपतिस्मा लेने को बाध्य किया गया अथवा मार डाला गया (Guibert de Nogent)
Rouen, Guibert de Nogent के विवरण के अनुसार, वह पहला स्थान था जहाँ धर्मयोद्धाओं ने यहूदियों के विरुद्ध रुख किया। यह धर्माध्यक्ष बताते हैं कि पूर्व की ओर प्रस्थान करने को तत्पर पुरुषों को यह विरोधाभासी लगा कि वे दूर जाकर आस्था के शत्रुओं से लड़ें, जबकि उनकी दृष्टि में वैसे ही लोग उनके सामने, उनके बीच रह रहे हों।
उन्होंने नगर के यहूदियों को एक चर्च में एकत्र किया, जहाँ उन्हें बपतिस्मा और मृत्यु के बीच चुनाव करने पर विवश किया गया। Guibert को यह प्रसंग अपने परिवेश के एक भिक्षु से ज्ञात हुआ, जो स्वयं इस अवसर पर बचपन में यहूदी धर्म से धर्मांतरित हुआ था : यह एक परोक्ष साक्ष्य है, किंतु समकालीन है।
कोई भी हिब्रू कालक्रम Rouen का वर्णन नहीं करता; राइनलैंड के अत्यंत विस्तृत विवरण उत्तरी France को अनदेखा करते हैं। स्रोतों की इसी असमानता से उस वर्ष फ्रांसीसी हिंसा के परिमाण को लेकर अनिश्चितता उत्पन्न होती है।
- काल :
- उच्च मध्य युग और धर्मयुद्ध
- प्रकृति :
- नरसंहार
- क्षेत्र :
- पश्चिमी यूरोप
- देश :
- France
Guibert de Nogent, De vita sua ; chroniques normandes.