अड़तीस सदियों से यहूदी प्रार्थना के गुरुत्वाकर्षण का केंद्र — बाइबिल का भूगोल, चार पवित्र नगर, प्रकीर्णन के पवित्र स्थलें।
यह उप-खंड यहूदी जनता के पवित्र भूगोल को समूहित करता है: इस्राएल की भूमि अपनी बाइबिल, मिशनिक और तल्मूडिक परतों में; चार पवित्र नगर; प्रकीर्णन के पवित्र स्थलें जो तीर्थयात्रा और जीवंत परंपराएं वहन करते हैं; तीर्थयात्रा के ऐतिहासिक मार्ग।
सभी अवधियों का निरपेक्ष केंद्र। मंदिर का नगर, कोटेल का, एस्प्लेनेड का — अनिवार्य, कार्पस में सबसे सघन फाइल।
पितरों की कब्र (मेअरत हा-मखपेला)। हज़ार साल की निरंतरता जो 1929 में विनाशकारी रूप से बाधित हुई।
लूरिनिक कबालाह की राजधानी (अरी, कारो, कॉर्डोवेरो)। पूर्व की प्रथम हिब्रू मुद्रणशाला (1577)।
मिशना और जेरूसलम तल्मूड का संपादन। मसोरेटों का पालना (बेन आशेर)।
घृबा सिनेगॉग; मंदिर विनाश से पहले की प्राचीनता का दावा करने वाली परंपरा।
रब्बी अमरान बेन दीवान की कब्र; मोरक्को यहूदीवाद की वार्षिक प्रमुख तीर्थयात्रा।
रश्बी (शिमोन बार योहाई) की कब्र; लैग बाओमर, कब्बलीवादी तीर्थयात्रा।
अल्टनेउशुल, महारल की कब्र — मध्य यूरोपीय अश्कनाज़ी यहूदीवाद का हृदय।
1034 का सिनेगॉग, 1096 की शहादत सूची; राशी के अध्ययन स्थल।
तीर्थयात्रा के ऐतिहासिक प्रमाण: ईसा पूर्व 70 से पहले जेरूसलम की ओर ओले रेगल, पितरों और ऋषियों की कब्रों की ओर मध्यकालीन तीर्थयात्राएं, मोरक्को और ट्यूनीशिया में हिलूलोट की आधुनिक परिक्रमाएं। रोडमैप के चरण 3 में कार्टोग्राफी योजनाबद्ध।